समरूपता (Similarity)

प्रस्तावना

क्या आपके मन में कभी यह प्रश्न उठा है कि दूरस्थ वस्तुओं
जैसे चन्द्रमा की दूरी अथवा पर्वतों जैसे गौरीशंकर शिखर (माउंट एवरेस्ट), गुरू शिखर (माउन्ट आबू की सबसे ऊंची चोटी) की ऊँचाई किस प्रकार ज्ञात की होगी?
क्या इन्हें एक मापन वाले फीते से सीधा (प्रत्यक्ष) मापा गया है?
वास्तव में इन सभी दूरियों और ऊँचाईयों को अप्रत्यक्ष मापन की अवधारण का प्रयोग करते हुए ज्ञात किया है।
 यह अप्रत्यक्ष अवधारणा आकृतियों की समरूपता सिद्धान्त पर आधारित है।
इस अध्याय में हम समरूपता विशेषतः समरूप त्रिभुज पर विस्तृत अध्ययन करेगें।

समरूप आकृतियाँ

याद कीजिए कक्षा 9 में आप समान आकार एवं समान माप की आकृतियों, (सर्वांगसम आकृतियाँ) पर चर्चा कर चुके हैं।
जिसके अन्तर्गत आपने देखा होगा कि समान (एक ही) त्रिज्या वाले सभी वृत्त सर्वांगसम होते हैं,
समान लम्बाई की भुजा वाले सभी वर्ग सर्वांगसम होते हैं।
इसी प्रकार समान लम्बाई की भुजा वाले सभी समबाहू त्रिभुज भी सर्वांगसम होते हैं।
आइए अब निम्न आकृतियों पर विचार करते है।

कोई दो या अधिक वृत्त ले कर देखिए क्या ये सर्वांगसम है? 

चूंकि इनमें से सभी की त्रिज्या समान नहीं है इसलिए ये परस्पर सर्वांगसम नहीं हैं।
ध्यान दीजिए इनमें कुछ सर्वांगसम है और कुछ सर्वागसम नहीं है।
परन्तु सभी के आकार (बनावट) समान है।
अतः ये सभी वे आकृतियाँ हैं जिन्हें समरूप कहते है।
दो समरूप आकृतियों के आकार समान होते है परन्तु इनके माप समान होना आवश्यक नहीं है।
अतः सभी वृत्त समरूप होते हैं।
इसी प्रकार आकृति में स्थित सभी वर्गों एवं सभी समबाहु त्रिभुज के बारे में भी सभी वृत्तों की तरह यही कहेगें कि सभी वर्ग समरूप हैं तथा सभी समबाहु त्रिभुज भी समरूप हैं।

उपर्युक्त चिंतन के पश्चात् हम ये कह सकते हैं कि सभी सर्वांगसम आकृतियां समरूप होती हैं।
परन्तु सभी समरूप आकृतियों का सर्वांगसम होना आवश्यक नहीं है।
अब पुनः उपर्युक्त आकृति को देखकर यह बतायें कि क्या एक वृत्त और एक वर्ग परस्पर समरूप है
अथवा एक वर्ग व एक समबाहु त्रिभुज परस्पर समरूप है?
निश्चित ही आपका उत्तर नहीं में होगा क्योंकि इनके आकार समान नहीं हैं।
यद्यपि ये दो आकृतियां समरूप जैसी प्रतीत हो रही है परन्तु हमें इनके समरूप होने या नहीं होने पर आशंका है।


तीन चित्रों में हमारे देश के महान गणितज्ञ श्री निवास रामानुजन (22 दिसम्बर 1887-18 अप्रैल 1920) की भिन्न मापों में आकृतियाँ बनी हुई है।
क्यों ये आकृतियां परस्पर समरूप है? निःसन्देह ये समरूप आकृतियां हैं क्या आप बता सकते हैं इन आकृतियों का अवलोकन करने के बाद आप को इन्हे समरूप में आशंका क्यों नहीं हुई?
इसलिए आइये आकृतियों की समरूपता के लिए कोई परिभाषा ज्ञात करे जिससे यह सुनिश्चित कर सकें कि दो दी हुई आकृतियों समरूप हैं या नहीं।
आपने कभी अपने दस्तावेजों जैसे अंक तालिका, जन्म प्रमाण पत्र आदि की छाया प्रतियां (फोटो कॉपी) अवश्य बनवाई होगी।
इसी प्रकार फोटोग्राफर से अपनी स्टेम्प साइज, पासपोर्ट साइज एवं पोस्टकार्ड साइज फोटो भी अवश्य दनवाई होगी।
एक ही समय खींची गई आपकी सभी साइज की फोटो परस्पर समरूप होती हैं
एक सफेद कागज पर एक आकृति बनाकर फोटो कापी की मशीन द्वारा आवर्धित (बड़ी) करवाइए अब आपके पास दो आकृतियां हैं।
इन आकृतियों की संगत भुजाओं एवं संगत कोणों को क्रमशः स्केल एवं प्रोटेक्टर से कर आकृति को नामांकित कीजिए।