वर्गमूल

वर्गमूल संक्रिया वर्ग संक्रिया का विलोम है जैसे 10 का वर्ग = 100,
तो 100 का वर्गमूल -110 =10 (निरपेक्ष मान)
वर्गमूल का गणितीय विद्ध:
(i) वर्गमूल का चिह माना जाता है जैसे V100 = 10.

(ii) किसी संख्या पर घातांक लगाने का अर्थ भी उस संख्या के वर्गमूल से है जैसे x वर्गमूल
अथवा 100% = 100 = वर्गमूल 100 = 410

वर्गमूल संख्या में अंक:


  • अंक वाली पूर्ण वर्ग संख्या के वर्गमूल में अंक अथवा अंक होते हैं। जैसे चार अंक वाली पूर्ण वर्ग संख्या तथा तीन
  • अंक वाली पूर्ण वर्ग संख्या के वर्गमूल में भी दो अंक होते हैं।
  • पूर्ण वर्ग संख्या की पहिचान:
  • पूर्ण वर्ग संख्या का इकाई अंक 1,4,5,6, अथवा 9 होता है।
  • पूर्ण वर्ग संख्या का बीजांक 1,4,7 अथवा 9 होता है।
  • जिस संख्या का इकाई अंक 2 या 8 तथा 3 या 7 हो, वह संख्या पूर्ण वर्ग संख्या नहीं होती है।
  • जिस संख्या का बीजांक 2,3,5,6 या 8 हो, वह संख्या पूर्ण वर्ग संख्या नहीं होती है।
  • जिस संख्या के अंत में एक या तीन या पाँच शून्य हों, तो वह संख्या भी पूर्ण वर्ग संख्या नहीं होती है।


1.07 घनमूल

घनफल संक्रिया का विलोम घनमूल संक्रिया होती है जैसे 7 का घनफल 343 है तो 343 का घनमूल -7 हुआ।
घनमूल के गणितीय चिळ
अथवा घनमूल के गणितीय संकेत कहलाते हैं।
जैसे (343)-1343-3 घनमूल 343%D7
घनमूल संख्या के अंक:
किसी पूर्ण घन संख्या के दाहिनी ओर से अर्थात् इकाई अंक से तीन-तीन अंकों के जितने समूह बनते हैं उतने ही अंक संख्या के
घनमूल में होते हैं। अन्तिम समूह में तीन अंक न होकर दो या एक अंक भी हो सकते हैं जैसे संख्या 13824 के घनमूल में दो अंक होते हैं।

पूर्णधन संख्या की पहचान : -

  • घन संख्या के बीजांक 1, 8. व9 (अथवा 0) ही हो सकते हैं। 
  • जैसे संख्या 314432 का बीजांक =3+1+4+4+3+2-8 (योग में से 9 घटाने पर) अतः संख्या 314432 एक पूर्णधन संख्या हो  उपरोक्त बीजांकों के अतिरिक्त किसी अन्य बीजांक वाली संख्या पूर्ण घन नहीं हो सकती है।
  • जिस पूर्णघन संख्या का चरम (इकाई)अंक 1,4,5,6.9 अथवा होता है तो उसके घनमूल का इकाई अंक भी वही होता है।
  • जिस पूर्ण संख्या का चरम (इकाई) अंक 2,8.3 अथवा 7 होता है तो उसके घनमूल का इकाई अंक इस दिये हुए अंक का परम मित्र अंक होता है।
  • घन संख्या के घनमूल का अन्तिम अंक संख्या के अन्तिम समूह से ज्ञात किया जा सकता है।