प्रस्तावना (Introduction)

पूर्व अध्यायों में हमने त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं तथा पूरक कोणों के लिए त्रिकोणमितीय अनुपातों का अध्ययन किया है।
इस अध्याय में त्रिकोणमितीय अनुपातों का प्रयोग कर ऊँचाई दूरी पर आधारित सरल समस्याओं का अध्ययन करेंगे हमारा उद्देश्य त्रिकोणमिति की सहायता से ऊँचाई एवं दूरी की वास्तविक माप के बिना दो बिन्दुओं के मध्य दूरी या किसी वस्तु / मीनार की ऊँचाई ज्ञात करना है।
इससे पूर्व हम कुछ परिभाषाओं का अध्ययन करेंगे।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ दृष्टि रेखा (Line of sight)


प्रेक्षक की आँख से प्रेक्षक द्वारा देखी गई वस्तु को मिलाने वाली रेखा को दृष्टि रेखा कहते है।
अर्थात्जब हम वस्तु को देखते है, तो हमारी आँख व वस्तु को जोड़ने वाली रेखा को दृष्टि रेखा कहते है।

उन्नयन कोण (Angle of Elevation) 

यदि कोई वस्तु आँख से ऊपर हो, तो दृष्टि रेखा, क्षैतिज रेखा के साथ जो कोण बनाती है।
उसे उन्नयन या उन्नति या उन्नताश कोण कहते है।

नोट : उन्नयन कोण को वस्तु की कोणीय ऊँचाई भी कहते हैं।

अवनमन कोण (Angle of depression)


यदि कोई वस्तु (Object), आँख से नीचे हो तो दृष्टि रेखा क्षैतिज रेखा के साथ जो कोण बनाती है। उसे अवनमन या अवनति कोण कहते है।

आँख बिन्दु 0 पर और वस्तु (Object) की स्थिति बिन्दु P हो तब OP दृष्टि रेखा है।
जो क्षैतिज रेखा O' से कोण XOP बनाती है तो अवनमन कोण =KOP वस्तुओं द्वारा प्रेक्षक की आँख पर अन्तरित अवनमन कोण के आकृति सहित उदाहरण ऊँचाई व दूरी की समस्याओं को हल करते समय निम्न बिन्दुओं को ध्यान में रखना चाहिए


  • सर्वप्रथम प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़ने के उपरान्त आकृति बनाकर समकोण त्रिभुज का निर्माण करते हैं।
  • समकोण त्रिभुज में ज्ञात कोण के त्रिकोणमितीय अनुपातों (sin, cos, tan आदि) को ज्ञात भुजाओं के पदो में व्यक्त करते हैं। नोट पूरक कोण-यदि दो कोणों का योग 90° हो पूरक कोण कहलाते हैं।